पश्चिम बंगाल

ममता सरकार पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का हमला, बोले- जनता ने इस बार बंगाल को बचा लिया

Kavita2
27 Sept 2026 10:21 AM IST
ममता सरकार पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का हमला, बोले- जनता ने इस बार बंगाल को बचा लिया
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की पिछली राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि इस बार राज्य की जनता ने पश्चिम बंगाल को बचा लिया, अन्यथा हालात बेहद खराब हो सकते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय उन्होंने अपने बुजुर्ग माता-पिता को ओडिशा भेजने तक की तैयारी कर ली थी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान राज्य में ऐसा माहौल बन गया था कि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता होने लगी थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आशंका थी कि राजनीतिक संघर्ष के दौरान उन्हें जेल भेजा जा सकता है। इसी स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के बारे में सोचा था।

अधिकारी ने अपने पिता और माता की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों बुजुर्ग हैं और उनके लिए वह चिंतित थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई के दौरान वह स्वयं किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार थे, लेकिन अपने माता-पिता को लेकर उनकी चिंता बनी हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जरूरत पड़ने पर अपने माता-पिता को ओडिशा भेजने की व्यवस्था के बारे में भी सोच लिया था। यह बयान देते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की परिस्थितियों को लेकर अपनी आलोचना दोहराई।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुनाया और पश्चिम बंगाल में बदलाव आया। उन्होंने इसे जनता की भूमिका से जोड़ते हुए कहा कि इस बार “जनता जनार्दन” ने राज्य को बचा लिया। यह अधिकारी का राजनीतिक आकलन है, जिसे उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए सामने रखा।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं और राज्य की व्यवस्था में बदलाव के लिए लगातार काम करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकार पर निशाना साधने के साथ मौजूदा सरकार की जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया।

शुभेंदु अधिकारी लंबे समय से ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की राजनीति के मुखर आलोचक रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर कई बार सवाल उठाए हैं। शनिवार का उनका बयान भी इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी के रूप में सामने आया है।

अधिकारी ने अपने संबोधन में उस दौर का जिक्र किया जब वह तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्हें गिरफ्तारी का डर था और इसी कारण अपने माता-पिता की देखभाल को लेकर उन्होंने पहले से व्यवस्था करने की तैयारी की थी।

हालांकि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान माहौल को लेकर शुभेंदु अधिकारी द्वारा किए गए दावे उनके राजनीतिक आरोप हैं। इन बयानों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्हें किस तरह की आशंकाएं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद राज्य की परिस्थितियां बदली हैं, लेकिन सरकार के सामने काम की कमी नहीं है। उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल में कई क्षेत्रों में सुधार और बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार आने वाले समय में इन मुद्दों पर काम जारी रखेगी।

शुभेंदु अधिकारी इससे पहले भी पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राज्य की व्यवस्था को लेकर आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि नई सरकार केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव के उद्देश्य से आई है। मौजूदा बयान में भी उन्होंने जनता के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए अपनी सरकार की जिम्मेदारियों पर जोर दिया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी लंबे समय से आमने-सामने रहे हैं। अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता गया।

अब राज्य में भाजपा सरकार बनने और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं। ममता बनर्जी की पूर्ववर्ती सरकार को लेकर भाजपा और मुख्यमंत्री की ओर से लगातार आलोचना की जा रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस भी मौजूदा सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराती रही है।

शनिवार के कार्यक्रम में अधिकारी ने अपने पुराने राजनीतिक संघर्ष को निजी अनुभवों से जोड़कर सामने रखा। माता-पिता को ओडिशा भेजने की तैयारी का जिक्र इसी संदर्भ में किया गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी गिरफ्तारी की आशंका थी।

मुख्यमंत्री ने जनता को राज्य में हुए राजनीतिक परिवर्तन का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले के कारण पश्चिम बंगाल को बचाया जा सका। इसके साथ उन्होंने स्वीकार किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी राज्य में अभी काफी काम बाकी है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में नई सरकार अपने प्रशासनिक और राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर पूर्ववर्ती सरकार और मौजूदा विपक्ष को लेकर सत्तारूढ़ दल की ओर से राजनीतिक हमले भी जारी हैं।

शुभेंदु अधिकारी के बयान से एक बार फिर पश्चिम बंगाल में मौजूदा सरकार और पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के बीच राजनीतिक टकराव सामने आया है। मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव और राजनीतिक संघर्ष का हवाला देकर पिछली सरकार की आलोचना की है।

फिलहाल अधिकारी ने साफ किया है कि उनकी नजर अब राज्य में किए जाने वाले कामों पर है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में अभी कई काम बाकी हैं और सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ना है। पूर्ववर्ती सरकार पर लगाए गए उनके आरोप राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं और इन पर विपक्ष का अलग पक्ष हो सकता है।

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